मीठी शायरी........

बदनाम करते हैं लोग मुझे जिसके नाम से.,
कसम खुदा की जी भर के कभी उसको देखा भी नहीं.,
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रब किसी को किसी पर फ़िदा ना करे.
करे तो कयामत तक जुदा ना करें.,
यह माना की कोई मरता नहीं जुदाई में.
लेकिन जी भी नहीं पाता तन्हाई में,.
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बरसों के बाद होती है मुलाकात.
फिर भी रहती है दिल में दिल की बात.,
नज़रों से करना पड़ता है प्यार.
पर नजर मिलाने के लिए भी करना पड़ता है इंतजार,,

अच्छा लगता है....

अच्छा लगता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ !
जैसे कोई सुबह जुडी हो किसी हसीन शाम के साथ!!

इश्क की गहराई.......

इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है,
मैं हूं, तुम हो. और कुछ की जरूरत क्या है,

खूबसूरत प्यार की दो लाइन....

की जरूरत तभी होती है जब कुछ बुरा करना हो. वर्ना दुनिया में सब कुछ पाने के लिए प्यार ही काफी है,

Sach....


Raaz.....

Honthon ko hilana kya...

Haal Apna Tumhein Batana Kya,
Cheer Ke Dil Tumhein Dikhana Kya,
Wahi Rona Hai Sadaa Ka Ab Bhi,
Daastaan Phir Wohi Dohrana Kya,
Bekarari Hi Hai Judaai Mein,
Gham Ki Baatein Tumhein Sunana Kya,
Meri Chuppi Mein Teri Mohabbat Hai,
Bewajaha Honthon Ko Hilana Kya.